No double stamp duty on execution of sale deed on auctioned land and assets in industrial development areas of UPSIDA, by DRT, Honorable Courts, Financial Institutions

UPSIDA stamp duty exemption 2025 no double duty auctions Share this post

कार्यालय आदेश

यूपीसीडा के औद्योगिक विकास क्षेत्रों में स्थित इकाईयों की भूमि एवं परिसम्पत्तियों को डीआरटी, माननीय न्यायालयों, वित्तीय संस्थानों एवं जिला प्रशासन द्वारा नीलामी पर सेलडीड निष्पादित करने पर क्रेता के पक्ष में भूखण्ड का नामान्तरण एवं पूर्ण आबंटी के लीज अधिकार क्रेता के पक्ष में हस्तांतरित किये जाने के सम्बन्ध में आबंटियों द्वारा दोहरे स्टॉम्प शुल्क के भुगतान न किये जाने को सुनिश्चित किये जाने हेतु माननीय अध्यक्ष, यूपीसीडा द्वारा दिनांक 27.01.2021 को अनुमोदित प्रस्ताव एवं प्रस्ताव के प्राधिकरण बोर्ड द्वारा कार्येतर अनुमोदन प्रदान किये जाने की प्रत्याशा में तत्सम्बन्धी पूर्व आदेशों को अवक्रमित करते हुए निम्नवत् आदेशित किया जाता है:

  1. प्राधिकरण के समस्त औद्योगिक विकास क्षेत्रों में स्थित भूखण्डों की इकाईयों की भूमि एवं परिसम्पत्तियों को डीआरटी, माननीय न्यायालयों, वित्तीय संस्थानों एवं जिला प्रशासन द्वारा नीलामी के माध्यम से विक्रय किये जाने पर प्राधिकरण द्वारा क्रेता के पक्ष में भूखण्ड का नामान्तरण हेतु नीलामीकर्ता द्वारा निर्गत विक्रय पत्र (सेल लेटर) ही आवश्यक होगा तथा निबन्धित विक्रय विलेख(पंजीकृत सेलडीड) की अनिवार्यता नहीं होगी। ऐसे प्रकरण जिनमें नीलागीकर्ता द्वारा विक्रय पत्र निर्गत कर दिया गया है, के भूखण्डों के क्रेता के पक्ष में नामान्तरण हेतु विक्रय पत्र निर्गत करने की तिथि से 30 दिन की अवधि में प्राधिकरण के सम्बन्धित क्षेत्रीय कार्यालय में नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन प्राप्त होने के उपरान्त 07 दिन की अवधि में क्रेता के पक्ष में पूर्व आबंटी के लीज अधिकार अवशेष लीज अवधि के लिये हस्तांतरित करने हेतु विक्रय पत्र की तिथि तक प्राधिकरण के नियमानुसार पूर्व आवंटी पर बकाया समस्त देयों के एकमुश्त भुगतान तथा विक्रय तिथि के उपरान्त क्रेता द्वारा हस्तांतरण लेवी, समय विस्तारण शुल्क, अनुरक्षण शुल्क, लीजरेंट एवं अन्य समस्त देयों को नियमानुसार प्राप्त करते हुए प्राधिकरण द्वारा क्रेता के पक्ष में अवशेष लीज अवधि के लिये नियमानुसार लीजडीड निष्पादित की जायेगी।
  2. प्राधिकरण के समस्त औद्योगिक विकास क्षेत्रों में स्थित भूखण्डों की इकाईयों की भूमि एवं परिसम्पत्तियों को डीआरटी, माननीय न्यायालयों, वित्तीय संस्थानों एवं जिला प्रशासन द्वारा नीलामी के माध्यम से विक्रय किये जाने पर प्राधिकरण द्वारा क्रेता के पक्ष में नियमानुसार भूमि पर अनुमन्य स्टाम्प शुल्क का भुगतान करते हुए नीलामीकर्ता द्वारा विक्रय विलेख (सेलडीड) निष्पादित करते हुए पंजीकृत करा लिया गया है तो ऐसे प्रकरणों में क्रेता के पक्ष में भूखण्ड का नामान्तरण एवं पूर्व आबंटी के लीज अधिकार अवशेष लीज अवधि के लिये क्रेता के पक्ष में हस्तांतरित किये जाने हेतु निम्नवत् कार्यवाही की जानी होगी:-

a. प्राधिकरण द्वारा क्रेता से कोई पूरक/लीज डीड / संशोधन डीड निष्पादित करने हेतु निर्देशित नहीं किया जायेगा।

b. भूखण्ड के क्रेता द्वारा भूखण्ड पर देय हस्तांतरण लेवी की दर शून्य होगी।

c. भूखण्डों के क्रेता के पक्ष में नामान्तरण हेतु नीलामीकर्ता द्वारा विक्रय विलेख निष्पादित करने की तिथि से 30 दिन की अवधि में प्राधिकरण के सम्बन्धित क्षेत्रीय कार्यालय में नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत करना होगा। क्रेता द्वारा आवेदन के साथ नीलामीकर्ता द्वारा निष्पादित विक्रय विलेख की मूलप्रति, भूखण्ड पर नियमानुसार देय स्टाम्प शुल्क के पूर्ण भुगतान किये जाने का नोटराईज्ड शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा भूखण्ड पर देय स्टाम्प शुल्क के भुगतान का पूर्ण उत्तरदायित्व क्रेता का होगा। क्रेता द्वारा नामान्तरण हेतु प्रस्तुत आवेदन के साथ भूखण्ड पर देय स्टाम्प शुल्क के कम पाये जाने पर अवशेष स्टाम्प शुल्क के भुगतान, सम्पूर्ण क्षतिपूर्ति एवं प्राधिकरण को समस्त उत्तरदायित्व से मुक्त करते हुए इन्डेमिनिटी बांड प्रस्तुत करना होगा।

d. आवेदन प्राप्त होने के उपरान्त 07 दिन की अवधि में क्रेता के पक्ष में पूर्व आबंटी के लीज अधिकार अवशेष लीज अवधि के लिये हस्तांतरित करने हेतु विक्रय विलेख निष्पादन की तिथि तक प्राधिकरण के नियमानुसार पूर्व आबंटी पर बकाया समस्त देयों के एकमुश्त भुगतान तथा तत्पश्चात् क्रेता द्वारा हस्तांतरण लेवी, समय विस्तारण शुल्क, अनुरक्षण शुल्क, लीजरेंट एवं अन्य समस्त देयों को नियमानुसार प्राप्त किया जायेगा ।

e. क्रेता द्वारा निमयानुसार देयों का भुगतान कर दिये जाने के उपरान्त प्राधिकरण द्वारा भूखण्ड पर पूर्व आबंटी के निष्पादित पट्टाविलेख में प्रदत्त लीज अधिकारों को क्रेता के पक्ष में अवशेष लीज अवधि के लिये हस्तांतरित करने हेतु अंतरण ज्ञापन सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत किया जायेगा। अन्तरण ज्ञापन का प्रारूप कार्यालय आदेश के साथ संलग्न है

f. क्रेता द्वारा भूखण्ड के नामान्तरण हेतु निम्न तालिका के अनुसार नामान्तरण शुल्क देय होगा:

 भूखण्ड की प्रकृति नामान्तरण शुल्क की दर
 रिक्त भूखण्डों परअद्यतन प्रचलित प्रीमियम दर का 15 प्रतिशत
 पूर्व आबंटी के उत्पादरत भूखण्डों पर 
निर्धारित मानको के अनुसार 2 लगातार वर्षों तक उत्पादनस्त होने के साक्ष्य तथा न्यूनतम 30 प्रतिशत आच्छादित क्षेत्रफल होने की दशा मेंअद्यतन प्रचलित प्रीमियम दर का 5 प्रतिशत(तीव्र तथा अतितीव्र गति के दोनों में) तथा प्रतिशत मंद गति के क्षेत्रों में
निर्धारित मानको के अनुसार 2 लगातार वर्षों तक उत्पादनरत होने के साक्ष्य तथा आच्छादित क्षेत्रफल 30 प्रतिशत से कम होने की दशा मेंआच्छादित क्षेत्रफल को संज्ञान में लेते हुए अद्यतन प्रचलित प्रीमियम दर पर अनुपातिक नामान्तरण शुल्क 
क्रियाशील इकाई की परिभाषा के अन्तर्गत न्यूनतम 30 प्रतिशत आच्छादित क्षेत्रफल होने की दशा मेंअद्यतन प्रचलित प्रीमियम दर का 7.5 प्रतिशत (तीव्र तथा अतितीव्र गति के क्षेत्रों में) तथा 5 प्रतिशत मंद गति के क्षेत्रों में

g. क्रेता के पक्ष में निर्गत अंतरण ज्ञापन निर्गत होने की तिथि से 30 दिन की अवधि में पूर्व आबंटी के पक्ष में निष्पादित पट्टाविलेख की मूल प्रति के साथ द्विपक्षीय अनुबंध निष्पादन हेतु क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन करना होगा जिससे कि पूर्व आबंटी के द्वारा निष्पादित पट्टाविलेख में आबंटी को प्रदत्त लीज अधिकारों को क्रेता के पक्ष में अवशेष लीज अवधि के लिये हस्तांतरित करते हुए नामान्तरण अनुमन्य किया जा सके।

3. कार्यालय आदेश निर्गत करने की तिथि से पूर्व ऐसे प्रकरणों में नामान्तरण शुल्क विक्रय विलेख निष्पादित/पंजीकृत करने की तिथि पर तत्समय प्रचलित क्षेत्र की लीज प्रीमियम दर पर उक्त बिन्दु सं0 2(२) के अनुसार आवेदन की तिथि तक नियमानुसार देय व्याज सहित आगणित की जायेगी।

उक्त कार्यालय आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

Source ref no. 3538/UPSIDA dated 24/02/2021

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